शिक्षा
शिक्षक एक दिन में 45 कॉपियों की कर सकेंगे जांच, सभी मूल्यांकन केंद्रों पर लगेंगे सीसीटीवी

नई दिल्ली। एमपी बोर्ड की ओर से कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 27 फरवरी से शुरू होकर 21 मार्च 2025 तक संपन्न करवाई जाएंगी वहीं 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू होकर 25 मार्च 2025 तक चलेंगी। एग्जाम संपन्न होने के बाद बोर्ड की ओर से कॉपियों की जांच करवाई जाएगी जिसके लिए दिशा-निर्देश अभी से जारी कर दिए गए हैं।
शिक्षा एक दिन में 45 कॉपियों की कर सकेंगे जांच
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाई स्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षाओं में एक शिक्षक एक दिन में अधिकतम 45 कॉपी ही जांच सकेंगे। पहले उन्हें कॉपी जांचने के लिए 30 कॉपी दी जाएंगी। अगर इसे वे जांच – लेते हैं तो 15 कॉपी और दी जा सकती हैं। इसके बाद उन्हें कॉपी जांचने के लिए नहीं दी जाएंगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से 10वीं कक्षा की कॉपी जांचने के लिए प्रति कॉपी 15 और 12वीं की कॉपी जांचने के 16 रुपए का भुगतान किया जायेगा।
मूल्यांकनकर्ताओं को दिए गए निर्देश
कॉपियों की संख्या निर्धारित होने के साथ ही बोर्ड की ओर से सभी शिक्षकों को अन्य निर्देश भी जारी किये गए हैं जो निम्नलिखित हैं-
- शिक्षकों से कहा गया है कि कॉपी जांचने के मामले में बिल्कुल भी कोताही न बरतें क्योंकि इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है।
- कई बार छात्रों के मूल्यांकन में गलती हो जाती है जिसमें नंबर या तो ज्यादा लिख जाते हैं या कम, शिक्षक ऐसे मामलों से बचें और शालीनता से कॉपियों की जांच करें।
- जिन छात्रों के 90 प्रतिशत से अधिक होंगे उनकी कॉपी दोबारा चेक करने का निर्देश दिया गया है। इसे विषय शिक्षक के अलावा मुख्य परीक्षक और उप मुख्य परीक्षक भी देखेंगे। मेरिटोरियस स्टूडेंट की कॉपी की जांच फिर से होगी।
- सभी शिक्षकों को आंसर की उपलब्ध करवाई जाएगी वे इसका उपयोग अवश्य करें जिससे गलती न हो सके।
- मूल्यांकन के बाद शिक्षक दो से तीन बार नंबर की गणना करें जिससे गलती की गुंजाइश न के बराबर हो।
- अगर कॉपी चैकिंग में एक नंबर की गलती भी सामने आती है तो कॉपी जांचने वाले संबंधित शिक्षक पर 100 रुपए का जुर्माना लगाया जायेगा और इसके साथ ही उन्हें आगे कॉपियों की जांच के लिए ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है।